व्यापारियों को राहत मंदिर मंडल को नसीहत

नाथद्वारा। राजस्थान उच्च न्यायालय जोधपुर ने नाथद्वारा में श्रद्धालुओं की सुविधाओं के लिए दायर जनहित याचिका का निस्तारण करते हुए मंगलवार को कई ऐतिहासिक निर्देश दिए। नाथद्वारा के प्रमुख मार्गों को पर्याप्त बताते हुए नगर के व्यापारियों को राहत प्रदान की वहीं कोर्ट ने मंदिर मंडल बोर्ड को नसीहत दी कि विस्तार या सुधार का प्लान बनाने के साथ विस्थापित होने वालों के लिए पहले व्यवस्था करें। गौरतलब है कि गुजरात निवासी धीरेन्द्र मनहर भाई एवं अन्य ने करीब 10 साल पहले राजस्थान हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर कर मंदिर व्यवस्था में सुधार की मांग की थी जिसमें कई मुद्दे जुड़ते गए व स्थानीय रिसाला चौक में पार्किंग बंद की गई थी। न्यायालय ने मंगलवार को दिए फैसले में उक्त रोक को बरकरार रखते हुए रिसाला चौक में रमणिक गार्डन बनाने के आदेश दिए। उच्च न्यायालय ने अपने फैसले में मंदिर मंडल को नसीहत दी कि नाथद्वारा की पौराणिक कला संस्कृति एवं वहां के वैभव को संरक्षित करें तथा इनके संवर्धन के लिए इंस्टीट्यूशन की स्थापना करने को भी कहा। साथ ही मंदिर के प्रमुख मार्गों में मंदिर मंडल के आधिपत्य की दुकानों को नीचा भी करने के निर्देश दिए ताकि कोई चबूतरी या सीढियां बना कर मार्ग को बाधित नहीं कर सके। न्यायालय ने मंदिर के प्रमुख मार्गों में कोई अतिक्रमण कर मार्ग बाधा उत्पन्न नहीं करें, इसके लिए स्थानीय प्रशासन को पर्याप्त प्रबंध एवं व्यवस्था करने के निर्देश दिए। न्यायालय ने कहा कि इस संबंध में यदि किसी भी प्रकार का विवाद होता है तो संभागीय आयुक्त उदयपुर के न्यायालय में सुनवाई हो सकेगी। न्यायाधिपति गोविंद माथुर एवं विनीत माथुर की खंडपीठ ने फैसले में बनवारीलालजी मंदिर के विस्थापितों को भी आस-पास स्थापित करने के आदेश दिए। उच्च न्यायालय ने दर्शनार्थियों की सुविधा के लिए मंदिर के प्रमुख मार्गों पर सभी प्रकार के वाहन जिसमें दोपहिया वाहन तक सम्मिलित हैं, उनकी आवाजाही पर रोक लगाने के निर्देश भी दिए। इसके साथ ही जरूरतमंद लोगों के लिए व्हीलचेयर आदि की व्यवस्थाएं करने के निर्देश दिए। न्यायालय के इस फैसले से नाथद्वारा में वीआईपी कल्चर पर भी रोक लगेगी तथा मोती महल तक जाने वालों वाहनों से भी निजात मिलेगी। न्यायालय में मंदिर मंडल की ओर से सड़कें चौड़ी करने को जो प्लान प्रस्तुत किया था उससे नाथद्वारा में भय का वातावरण बन गया था। इस पर नाथद्वारा के सभी व्यापारियों ने पालिका अध्यक्ष लालजी मीणा व उपाध्यक्ष परेश सोनी के नेतृत्व में एकजुटता के साथ स्वेच्छा से अतिक्रमण हटाए व मार्गों को बिना किसी विरोध के पर्याप्त रूप से चौड़ा कर दिया। न्यायालय ने व्यापारियों के प्रयास को फैसले में रेखांकित करते हुए मार्गों को पर्याप्त चौड़ा बताया। नाथद्वारा के व्यापारियों की ओर से एडवोकेट आनंद पुरोहित, प्रदीप पालीवाल, प्रदीप पुरोहित, कमलेश अजमेरा, कोमल पालीवाल ने पैरवी की वहीं नाथद्वारा नगर पालिका के अध्यक्ष लालजी मीणा, उपाध्यक्ष परेश सोनी के साथ व्यापारी प्रमोद छापरवाल, धर्मेन्द्र शर्मा, सुभाष राठी व मनोज वर्मा ने व्यापारियोंं का प्रतिनिधित्व किया। न्यायालय के फैसले से नाथद्वारा में हर्ष की लहर व्याप्त हो गई है। गत एक माह से नाथद्वारा में ऊहापोह की स्थिति थी जिससे आम लोगों को राहत मिली है।