बीएसएफ कैंप पर आत्मघाती हमला

श्रीनगर। कड़ी सुरक्षा व्यवस्था वाले श्रीनगर एयरपोर्ट के मुख्यद्वार के पास ही स्थित बीएसएफ की 182वीं वाहिनी और सीआरपीएफ की 37वीं वाहिनी के शिविर पर आतंकियों ने मंगलवार सुबह सवा चार बजे हमला किया। इस हमले में बीएसएफ के सब इंस्पेक्टर सूरज सिंह मीणा और कांस्टेबल श्यामलाल जख्मी समेत तीन जवान घायल हो गए हैं। बताया जा रहा है कि इसमें से एक जवान शहीद हो गया। जवाबी कार्रवाई में सुरक्षाबलों ने हमला करने वाले तीनों आतंकवादियों को मार गिराया। आतंकियों ने बीएसएफ की 182वीं बटालियन को निशाना बनाकर यह हमला किया था। आतंकी कैंपस के अंदर मौजूद एक बिल्डिंग में घुस गए थे। कई घंटों तक चले ऑपरेशन के बीद तीनों आतंकवादियों को ढेर कर दिया गया। हमले में बीएसएफ के एक एएसआई शहीद हो गए, जबकि दो जवान घायल हुए हैं। श्रीनगर एयरपोर्ट दोबारा खोला गया: बीएसएफ कैंप पर हमले के बाद एयरपोर्ट बंद कर दिया गया था। बाद में यात्रियों को एयरपोर्ट की ओर जाने के लिए रास्ता खोल दिया गया है। यात्रियों की असुविधा को कम करने के लिए जांच के बाद उन्हें एयरपोर्ट में प्रवेश दिया गया। हालांकि शुरू में दावा किया जा रहा था कि आतंकियों ने एयरपोर्ट पर हमला किया है। बाद में संबधित अधिकारियों ने दावा किया कि आतंकी मुख्य गेट के पास ही रोक लिए गए और वह फायरिंग करते हुए निकटवर्ती शिविर में घुस गए। करीब एक घंटे तक दोनों तरफ से भीषण गोलीबारी हुई और साढ़े पांच बजे गोलीबारी बंद हुई। सुरक्षा में 'चूकÓ बीएसएफ कैंप पर हमला करने वाले आतंकी सेना के चक्रव्यूह को भेदने में कामयाब रहे थे। चार स्तरीय सुरक्षा के बावजूद दो आतंकी ऐडमिन ब्लॉक तक घुस चुके थे, हालांकि चौकस जवानों ने संक्षिप्त मुठभेड़ के बाद उन्हें मार गिराया। रक्षा विशेषज्ञ सवाल उठा रहे हैं कि आखिर इतने संवेदनशील इलाके में स्थित बीएसएफ कैंप के अंदर आतंकवादी घुसने में कैसे कामयाब हुए? आखिर चार स्तरों की सुरक्षा वाले इलाके को भेदते हुए आतंकी अंदर कैसे दाखिल हो गए? खुद गृह राज्य मंत्री हंसराज अहीर ने इस 'चूकÓ को स्वीकार किया है। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि आतंकियों को इसकी भारी कीमत चुकानी पड़ेगी। उधर गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने भी इस हमले के मद्देनजर दिल्ली में एक हाई लेवल मीटिंग की।